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Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2) · Sarga 181

एक सौ उन्नासीरव सर्ग समाप्त एक सौ अस्सीवाँ सर्म श्रीरामचन्द्रजी द्वारा वर्णित कुन्ददन्तोपाख्यान में पर्वत पर वृक्ष मेँ लटके हुए तपस्वी के वरप्राप्तिपर्यन्त वृत्तान्त का वर्णन |

17 verse-groups

  1. Verse 1स्वयं प्रबुद्ध राम चिरकाल तक तत्वजिज्ञासा से अपने आश्रय में स्थित कुन्ददन्त नामक द्विज को…
  2. Verses 2–6सन्देह का बीज दर्शीने के लिए आख्यान प्रारम्भ करते हैँ । किसी एक समय जब कि मैं विद्यामन्दि…
  3. Verse 7ब्राह्मण ने कहा : हे महाभाग, यह ठीक है, कि मैं किसी विशेष अर्थ के लिए महाप्रयत्नशील हूँ,…
  4. Verse 8इस पृथिवीम, आकाश में स्थित स्वर्ग के प्रतिबिम्ब की तरह, वैदेह नाम का सर्वसौभाग्यं से युक्…
  5. Verse 9उसी वैदेह देश में ब्राह्मणवंश में मैं उत्पनन हुआ और विद्या प्राप्त करके स्थित रहा । कुन्द…
  6. Verses 10–16इसके उपरान्त हृदय में वैराग्यवान्‌ हुआ मैं भ्रान्ति से उत्पन्न संसार क्लेशो की निवृत्ति क…
  7. Verses 17–19उसी विचार को स्पष्ट करते हैं। तो यह ब्राह्मण अभी तक जीवित तो है, क्योकि बराबर आहताकृति हो…
  8. Verse 20तब उस पुरुष ने कहा : हे तापस, इस मेरे कुल, देश, तपस्या आदि को जानने से तुम्हारा क्या प्रय…
  9. Verses 21–22इतना कहने पर मैंने प्रयत्न से तथा विनयपूर्ण आग्रह से जब पूछा तब उस तपस्वी ने मुझे यह उत्त…
  10. Verses 23–26उन शास्त्रों में मैंने सुना कि राजा समग्र भोगसामग्री का आश्रय होता है अर्थात्‌ सम्पूर्ण ए…
  11. Verse 27उसके इतना कहने पर मैंने उससे जो कहा सो सुनिये, क्योकि आश्चर्य वृत्तान्त सुनने में किसी धी…
  12. Verse 28मैंने कहा : हे साधो, जब तक तुम अपना इच्छित वर प्राप्त नहीं कर लेते तब तक तुम्हारी रक्षा औ…
  13. Verses 29–34मौन तपस्वी के आगे वेगरहित होकर कालजन्य शीतोष्णादि वेगोँ को सहता हुआ मैं छः महीने तक रहा ।…
  14. Verses 35–37इस प्रकार अभीप्सित वर देकर वह द्वितीय सूर्य-सा पुरुष जहाँ से उदित हुआ था उसी सूर्यमण्डल म…
  15. Verse 38यह स्वीकार कर लेने पर उस पुरुष के वेधे पैरों को मैंने वृक्ष से इस प्रकार मुक्त किया जैसे…
  16. Verses 39–40स्नान करके पवित्र-हस्त हो अघमर्षण का जप करके तप की सिद्धि के बल से उसी वृक्ष से प्राप्त फ…
  17. Verse 41इसी उपरोक्त कथा का संक्षेप से उपसंहार करते हैं। सप्तद्वीप ओर समुद्रो से व्याप्त दिशाओंवाल…