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Read the complete Yoga Vasistha, sarga by sarga, with the original Sanskrit and its Hindi meaning — alongside in-depth Hindi and English articles on the Bhagavad Gita, Bhagwat Puran, Mahabharata and Vedanta, and audio and video talks.

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Insights and teachings drawn from ancient Indian scriptures

कर्कटी राक्षसी — योग वासिष्ठ की वह कथा जहाँ एक बूँद से पेट भरा, मन नहीं
पूरी दुनिया निगलने के लिए राक्षसी कर्कटी तप करके सुई बनी, पर एक बूँद से पेट भरा, तृष्णा नहीं। योग वासिष्ठ की यह कथा बताती है कि उसे शांति कहाँ मिली।

लीला उपाख्यान — योग वासिष्ठ की वह कथा जहाँ एक दिन में सत्तर बरस बीते
जिस ब्राह्मण को मरे आठ ही दिन हुए थे, वही राजा बनकर बरसों जी चुका था। योग वासिष्ठ की लीला उपाख्यान कथा दिखाती है कि देश और काल मन की कल्पना हैं।

आकाशज ब्राह्मण — योग वासिष्ठ की वह कथा जहाँ मृत्यु खाली हाथ लौटी
सबको खाने वाली मृत्यु एक ब्राह्मण को छू तक न सकी। योग वासिष्ठ की इस कथा में यम बताते हैं कि मृत्यु की पकड़ कर्म और देह के अभिमान से बनती है।

शुकदेव और राजा जनक — योग वासिष्ठ की वह कथा जहाँ जानना काफ़ी नहीं था
व्यास पुत्र शुकदेव सत्य जान चुके थे, फिर भी मन अशांत था। योग वासिष्ठ की यह कथा बताती है कि राजा जनक ने तीन परीक्षाओं के बाद उन्हें विश्राम कैसे दिया।

राम का विषाद — योग वासिष्ठ की वह कथा जहाँ से सारा उपदेश शुरू होता है
तीर्थयात्रा से लौटे सोलह वर्ष के राम चुप और उदास रहने लगे। योग वासिष्ठ की यह कथा बताती है कि विश्वामित्र ने उस उदासी को मोह नहीं, बोध क्यों कहा।

अर्जुन को गाण्डीव धनुष कैसे मिला?
महाभारत के आदिपर्व, अग्निदेव की अपच और खाण्डव वन दहन के प्रसंग में अर्जुन को वरुण देव से गाण्डीव धनुष कैसे मिला।