Guru's AddaGuru's Adda

Upashama Prakarana (Dissolution) · Sarga 23

11 verse-groups

  1. Verses 1–9समा सकते हैं, जहाँ पर न जलाशय हैं, न समुद्र हैं, न पर्वत हैं, न वन हैं, न तीर्थ हैं, न नद…
  2. Verses 10–12बलि ने कहा : हे महामते, आधि-व्याधि से रहित वह देश कौन है, कैसे वह मिलता है और हे प्रभो कि…
  3. Verse 13विरोचन ने कहा : हे पुत्र, यदि देवता ओर असुर मिलकर लाख गुने भी हों, तो भी वहाँ पर उस बलवान…
  4. Verse 14हे पुत्र, वह मन्त्री न तो इन्द्र है, न कुबेर है, न कोई देवता है ओर न असुर है, जो कि तुमसे…
  5. Verse 15क्यो मेरे पास आयुध अथवा योद्धा नही है, जो मैं उस पर विजय प्राप्त कर सकूँ ? ऐसा यदि बलि की…
  6. Verse 16तुम उस पर क्या विजय प्राप्त करोगे, बल्कि उसीने तुम्हारे जैसे बहुत से लोगों पर विजय प्राप्…
  7. Verse 17हमारे पूर्वज आदि को भी उसीने अपने वश में कर विष्णु द्वारा मरवाया है, इस आशय से कहते हैं ।…
  8. Verses 18–19सबको विवेक का उपदेश देनेवाले नारायण आदि देवताओं को भी उसने भृगु आदि के शाप के निमित्त के…
  9. Verses 20–21क्रोध ने यद्यपि सुर और असुरो के समूह को स्वतन्त्र नहीं छोड़ा, उसमें कोई गुण भी नहीं हैं आ…
  10. Verses 22–24हे पुत्र, उसी प्रभु द्वारा यदि वह मन्त्री जीता जाता है; तो सुजेय होता है। अन्यथा तो वह पर…
  11. Verses 25–29उसमें सबको जीतने की केवल शक्ति ही नहीं है, किन्तु त्रैलोक्य को उत्पन्न करने की शक्ति भी ह…