Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 23, Verse 14
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 23, verse 14 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 23 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
नासौ सहस्रनयनो न यमो न धनेश्वरः ।
नामरो नासुरो वापि यदि पुत्रक जीयते ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे पुत्र, वह मन्त्री न तो इन्द्र है, न
कुबेर है, न कोई देवता है ओर न असुर है, जो कि तुमसे जीता जा सके