Utpatti Prakarana (Creation) · Sarga 6
9 verse-groups
- Verses 1–2पाँचवाँ सर्गे समाप्त छठा सर्ग ज्ञान से आत्मा की प्राप्ति होती है, कर्मो से नहीं; अतएव ज्ञ…
- Verses 3–4न बहुत नजदीक, न बहुत दूर, क्रिया के बिना प्राप्त होने के अयोग्य एवं विषम स्थान में स्थित…
- Verse 5यदि कोई शंका करे कि परमात्मा की प्राप्ति मे साधनभूत ज्ञान सर्वथा कर्म-निरपेक्ष कैसे है ?…
- Verse 6यदि कोई शका करे कि तव तो दुःख की निवृत्ति में अथवा जीवन्मुक्ति में अन्य साधन होंगे ? इस प…
- Verses 7–8तमेतं वेदानुवचनेन बराह्मणा विविदिषन्ति यज्ञेन दानेन तपसाऽनाशकेन (ब्राह्मण उसको वेदाध्ययन,…
- Verses 9–19शास्त्र से किसी प्रकार का विरोध नहीं है, ऐसी यथायोग्य (अपने कुलानुरूप) आजीविकासे सन्तुष्ट…
- Verse 20साधु कौन है ? ऐसी आकांक्षा होने पर कहते हैं । श्रुति और स्मृति से प्रतिपादित सदाचार में प…
- Verse 21सत्-शास्त्र कौन हैं ? ऐसी आकांक्षा होने पर कहते हैं । सम्पूर्ण विद्याओं में अध्यात्मविद्…
- Verse 22यदि को शंका करे कि अन्यान्य अनेक उपायों के विद्यमान रहते साधुसंगति और सत्- शास्त्रकी ही…