Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 6, Verse 21
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 6, verse 21 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
अध्यात्मविद्या विद्यानां प्रधानं तत्कथाश्रयम् ।
शास्त्रं सच्छास्त्रमित्याहुर्मुच्यते तद्विचारणात् ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
सत्-शास्त्र कौन हैं ? ऐसी आकांक्षा होने पर कहते हैं ।
सम्पूर्ण विद्याओं में अध्यात्मविद्या ([-)) मुख्य है, उसकी उत्पत्ति के अनुकूल विचारात्मक
वर्णन जिसमें हों, वह शास्त्र अर्थात् उपनिषत्, सूत्रभाष्य, गीता एवं इनके विवरणात्मक ग्रन्थ
सत्-शास्त्र कहलाते है, उसके विचार से पुरुष मुक्त हो जाता है