Guru's AddaGuru's Adda

Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1) · Sarga 108

4 verse-groups

  1. Verses 1–12एक सौ सातवाँ सर्गं समाप्त एक सौ आठवाँ सर्ग क्रोध की परीक्षा करने के लिए माया से चूडाला का…
  2. Verses 13–21ये एक दूसरे के सामने ही मुख किये हुए हैं, बड़े आनन्द में मस्त हैं, प्रबल काममद के कारण इन…
  3. Verses 22–28रतिराग से बाधित हुए वे क्रोध आदि एकान्त में जार के साथ नाता जोड़ने में बाधक नहीं हो सकते…
  4. Verses 29–39राजा शिखिध्वज ने कहा : हे बाले, मेरे अन्तःकरण में तो तुम्हारे कृत्य से, आकाश में वृक्ष की…