Guru's AddaGuru's Adda

Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1) · Sarga 107

6 verse-groups

  1. Verses 1–8एक सौ छठा सर्गं समाप्त एक सौ सातवाँ सर्ग अनेक पर्वतो पर विहार, राजा की अनासक्ति की परीक्ष…
  2. Verse 9किस-किस स्थान में कितने-कितने समय तक वे रहे, यह बतलाते है। महीनेभर तो उन्होने महेन्द्र पर…
  3. Verses 10–18दो मास तक मेनाक पर्वत के दक्षिण के तट पर पारिजात वन में, जो कि देवताओं में भोग्य फूलों के…
  4. Verses 19–21राजा शिखिध्वज ने कहा : हे देवराज, आपने स्वयं इतने दूर से यहाँ आने का परिश्रम क्यों उठाया…
  5. Verses 22–26आकाश में गमन करने की तो मुझ में शक्ति है नही, फिर मैं स्वर्ग में कैसे आऊँ, इस पर कहते हैँ…
  6. Verses 27–32देते हुए देवराज इन्द्र अन्तर्हित हो गये । देवराज इन्द्र के अदृश्य हो जाने पर उनके साथ का…