Guru's AddaGuru's Adda

Vairagya Prakarana (Dispassion) · Sarga 31

7 verse-groups

  1. Verses 1–6अवलम्बन करना चाहिए ? कौन गति है ? किसका स्मरण करना चाहिए ओर किसकी शरण मे जाना चाहिए (=) ?…
  2. Verses 7–9भगवन्‌, तपःशक्ति ओर ज्ञानशक्ति से जिनकी बुद्धि की कोई सीमा नहीं है, ऐसे आप सरीखे महात्मा…
  3. Verses 10–13महर्षे, काम से कलंकित मनरूपी चन्द्रमा विद्वान जनों द्वारा अनुभूत किस धोवन से (क्षालन से)…
  4. Verse 14यदि व्यवहार से दुःख होता है तो व्यवहार का त्यागकर दीजिए ऐसी शंका होने पर कहते हैँ । जैसे…
  5. Verse 15व्यवहार में भले ही दुःख हो, किन्तु यज्ञ-याग आदि शुभ कर्मों के अनुष्ठान में तो किसी प्रकार…
  6. Verses 16–19(¬ जैसे अरण्य मे प्राप्त आँधी, वृष्टि आदि से उत्पन्न क्लेश की निवृत्ति के लिए छाता, छप्पर…
  7. Verses 20–27यदि मुझे उक्त युक्ति प्राप्त न होगी तो मेँ मरणान्त अनशन आरम्भ कर दूँगा, जीवन के उपयोगी व्…