Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 94, Verse 69

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 94, verse 69 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 94 · श्लोक 69

संस्कृत श्लोक

नास्ति किंचिदिह क्षेत्रं व्युप्तं नाम न किंचन । न बीजमस्ति नो जातं किंचित्सर्वं च संस्थितम् ॥ ६९ ॥

हिन्दी अर्थ

कल्पनारुपी फक के अभाव में बतलाते हैं / वस्तुतः यहाँ पर न तो कोई खेत है, न कुछ उसमें बोया गया है, न कोई बीज है और न कुछ उत्पन्न ही हुआ है, किन्तु एकमात्र कल्पना से सब कुछ यहाँ स्थित है