Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 79, Verse 22
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 79, verse 22 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 79 · श्लोक 22
संस्कृत श्लोक
तत्पुराणेतिहासानां सर्वसंक्षयवादिनाम् ।
स्मृत्यादीनां सवेदानां वैयर्थ्यमुपजायते ॥ २२ ॥
हिन्दी अर्थ
तब तो (*) सम्पूर्ण वस्तुओं का संक्षय बतलानेवाले (4)
अठारह पुराण, महाभारत आदि इतिहास, ऐहिक और पारलौकिक आत्मा के हित और अहित तथा
धर्म और अधर्म के प्रतिपादक मनु आदि स्मृति एवं सदाचार आदि-ये सबके सब व्यर्थ हो
जायेंगे