Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 64, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 64, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 64 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
साप्सरोमरसिद्धानां लीलाविहरणावनिः ।
संकल्पमात्रसंपन्नसर्वसंभोगसुन्दरी ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
यह अप्सराओं को साथ लिये हुए देवताओं एवं सिद्धों की लीलाविहार भूमि है । ज्यों
हि केवल संकल्प किया, त्यों ही सब तरह के भोग प्राप्त हो गये, इसलिए अर्थात् संकल्पमात्रसे सब
तरह का भोग दिलानेवाली होने के कारण वह अत्यंत सुन्दर है