Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 90, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 90, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 90 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
संत्यक्तं भवता राज्यं सदारधनबान्धवम् ।
ब्रह्मणेव जगत्सर्गव्यापारः स्वनिशागमे ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
कैसे सिद्ध हो गया, यह कहते है ।
आपने स्त्री, धन और बन्धुओं के साथ-साथ अपने सम्पूर्णं राज्य का परित्याग उस तरह कर
दिया, जिस तरह अपनी रात आने पर ब्रह्मा जागतिक सृष्टि के व्यापार का परित्याग कर देते हैं