Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 90, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 90, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 90 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
सिद्धः सर्वपरित्यागः साधो संसाध्यतस्तव ।
खर्वीकृतजगद्भूतिर्विद्यास्वात्मोदयस्तथा ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
हे साधो, साधना करते हुए
आपका वह सर्वपरित्याग सिद्ध हो चुका है, जो जगत् के प्रसिद्ध एेश्वर्य-परम्पराओं से लेकर हिरण्यगर्भ
के पद तक के एश्वर्य को भी तुच्छ कर देनेवाला तथा जो विद्यारूपी निरतिशयानन्द आत्मज्ञान का
उदयकारक है