Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 41, Verse 40
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 41, verse 40 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 41 · श्लोक 40
संस्कृत श्लोक
भूसत्ता हेमसत्ता च पिण्डसत्ता च पीवरी ।
देशसत्ता कालसत्ता सर्वाढ्याकारवर्जिता ॥ ४० ॥
हिन्दी अर्थ
एवं पृथ्वी की सत्ता, चाँदी और सुवर्णमय ब्रह्माण्डखप्परों की सत्ता एवं अत्यंत विपुल
ब्रह्माण्ड-पिण्ड की सत्ता, देशसत्ता और समस्त आढ्य (सम्पन्न) आकारो से वर्जित काल की सत्ता
बन जाती है