Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 26, Verse 39
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 26, verse 39 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 26 · श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
इत्यहं मुनिशार्दूल त्रिलोककमलालिकः ।
भुशुण्डो नाम काकोलः कथितश्चिरजीवितः ॥ ३९ ॥
हिन्दी अर्थ
उपसंहार करते हैं।
हे मुनिशार्दुल, मेरुरूपी पद्मबीज के कोष में (कमल के छन्त में) रहने तथा श्यामरूप होने के कारण
मैं त्रिलोकीरूपी कमल का मानों एक तरह से भ्रमर हूँ ओर पूर्वोक्त विभिन्न-विभिन्न भावनाओं के
कारण लोगों के द्वारा भुशुण्ड नाम का चिरंजीवी द्रोण कोआ व्यवहृत हुआ हूँ