Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, Verse 88
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 93, verse 88 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 93 · श्लोक 88
संस्कृत श्लोक
सैवोक्ता सङ्गशब्देन पुनर्जननकारिणी ।
तया यत्क्रियते कर्म तद्बन्धायैव केवलम् ॥ ८८ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामजी, इसी बन्धकारक
वासना का दूसरा नाम संग है, यह पुनर्जन्म प्रदान करती है, इस वासना से जो कुछ किया जाता
है, वह केवल बन्धन का ही हेतु होता है