Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, Verse 113
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, verse 113 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 92 · श्लोक 113
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
श्रीरामजी, जैसे तालाब मेँ तटस्थ वृक्ष
प्रतिबिम्बित होते है, वैसे ही उस प्रत्यक् रूप असीम ब्रह्यात्मक दर्पण में ये सब वस्तुदृष्टियाँ प्रतिबिम्बित
होती हैं