Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 24
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
समग्राग्र्यगुणाधारमपि सत्त्वं प्रलीयते ।
विदेहमुक्ते विमले पदे परमपावने ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
मणि, मन्त्र आदि युक्तियों से ही इस प्रकार की आकाशगमन आदि सिद्धि
हो सकती है। तत्-तत् शास्त्रों म प्रसिद्ध नियति के क्रम को (स्वभाव की सामर्थ्य को) तत्-तत् नियति
का विधान करनेवाले त्रिनेत्र आदि श्रेष्ठ देवता भी व्यर्थ नहीं कर सकते