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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 23

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 23

संस्कृत श्लोक

अरूपस्तु मनोनाशो यो मयोक्तो रघुद्वह । विदेहमुक्त एवासौ विद्यते निष्कलात्मकः ॥ २३ ॥

हिन्दी अर्थ

जो आत्मज्ञान से शून्य है, वह भी आकाशगमन आदि सिद्धियों को चाहता है और वह तथाविध सिद्धियों के साधक द्रव्यो से क्रमशः उन्हें सिद्ध करता है