Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
व्याप्तं वासनया यत्स्याद्भूया जननमुक्तया ।
जीवन्मुक्तमनःसत्ता राम तत्सत्त्वमुच्यते ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
सदा सन्तुष्ट, प्रशान्तस्वरूप, रागवर्जित, वासनाशून्य तथा आकाश के सदृश निर्मल आकारवाला
तत्त्वज्ञ विद्वान् अपने स्वरूप में ही स्थित रहता हे