Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 79, Verse 8

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 79, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 79 · श्लोक 8

संस्कृत श्लोक

यथाभूतात्मदर्शित्वमेतावद्भुवनत्रये । यदात्मैव जगत्सर्वमिति निश्चित्य पूर्णता ॥ ८ ॥

हिन्दी अर्थ

अतएव स्यन्द के निरोध के द्वारा दोनो का नाश करने के लिए ज्ञानरूप उपाय शास्त्र में दिखलाया गया है, ऐसा कहते हैँ । हे श्रीरामजी, चित्त के विनाश के लिए दो उपाय शास्त्रों में दिखलाये गये है- एक योग ओर दूसरा ज्ञान । चित्तवृत्ति का निरोध योग है और आत्मा का सम्यक्‌ अपरोक्ष साक्षात्कार ज्ञान है