Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 79, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 79, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 79 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
सर्वमात्मैव कौ दिष्टौ भावाभावौ क्व च स्थितौ ।
क्व बन्धमोक्षकलने किमन्यद्राम शोच्यते ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उन दो में से पहले प्रथम उपाय की जिज्ञासा कर रहे श्रीरामजी पूछते हैं।
श्रीरामजी ने कहा : हे ब्रह्मन्, किस समय और कैसी प्राण ओर अपान के निरोध रूप योग नाम की
युक्ति से मन असीम सुख को देनेवाली शान्ति को प्राप्त करता हे