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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 77, Verse 19

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 77, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 77 · श्लोक 19

संस्कृत श्लोक

न कार्यकारणारम्भैर्न निष्कृततया तथा । न बन्धेन न मोक्षेण न पातालेन नो दिवा ॥ १९ ॥

हिन्दी अर्थ

लोक मेँ भी राजकीय विभूति के उपभोग में यह न्याय प्रसिद्ध है, ऐसा कहते है। विचारपूर्वक राजप्रसाद ओर राज-अनुग्रह आदि रहस्य का प्रत्यक्षकर जिन राज-विभूतियों का उपभोग किया जाता हे, वे जन्तु को महान्‌ मोक्षात्मक उदय देनेवाली होती हैं और बाकी की केवल दुःख के लिए हैं