Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, Verse 41
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 73, verse 41 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 73 · श्लोक 41
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
उक्त अवस्था मेँ आत्मा न अहंरूप रहता है, न अन्य स्वरूप रहता है, न एकत्व संख्या
से युक्त रहता है, न अनेकत्व से यानी एकत्व संख्या के अभाव से युक्त रहता है, न समीप में रहता
है, न दूर में रहता है, न सत्ताश्रय रहता है और न सत्ताश्रयत्व के अभाव से युक्त रहता है