Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 60, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 60, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 60 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
संनिवेशमिमं देहनामकं तदनु स्वयम् ।
स जहौ तेजसाक्रान्तो रूपं हिमकणो यथा ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
उसके बाद जैसे बरफ का कण
गर्मी से शोषित होकर स्वकीय मूर्तस्वरूपका अपने आप परित्याग कर देता है, वैसे ही उस राजाने इस
देह नामधारी पंचात्मक अवयव-संनिवेश का अपने आप ही परित्याग कर दिया