Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 60, Verse 10
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 60, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 60 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
स कुर्वन्विगतासङ्गं राज्यं राजीवलोचनः ।
अतिष्ठदक्षताकारो भूरिवर्षशतान्यथ ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
कमल की भाँति जिसके नेत्र थे ओर
जिसके शरीर में तनिक भी वार्धक्यादि का विकार प्राप्त नहीं हुआ था, ऐसा वह सुरघु राजा आसक्तिरहित
राज्य करते हुए सैकड़ों वर्ष पर्यन्त इस भूमण्डल में विद्यमान रहा