Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 55, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 55, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
एवं चिन्तितवानद्रेर्गुहायां पल्लवासने ।
बद्धपद्मासनस्तस्थावर्धोन्मीलितलोचनः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
हे
श्रीरामचन्द्रजी, इस प्रकार चिन्तित अर्थ में दृढ़ निश्चयवाले वे उद्दालक ऋषि बद्ध पद्मासन होकर
आधी आँखें मींचकर पर्वत की गुफा में पत्तों के आसन पर बैठ गये