Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 55, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 55, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 55 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
अथ कालेन बहुना बुद्धिस्तस्य बभूव ह ।
विदेहमुक्तस्तिष्ठामि देहं त्यक्त्वेति निश्चला ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
इसके अनन्तर बहुत काल के बाद
उद्दालक की यह दृढ बुद्धि हुई कि में इस देह को छोडकर विदेह मुक्त हो जाऊँ