Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
चिन्तयामास च तटे क्व सा माता क्व सा प्रिया ।
यदाहं मृतिमायातो मध्ये मातृमहेलयोः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
उठकर उन्होंने विचार किया मेरी वह माता कहाँ है ओर वह स्त्री कहाँ है ? जबकि मैं माता और पत्नी के
बीच में मृत्यु को प्राप्त हुआ