Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verses 8–9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, verses 8–9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 8,9
संस्कृत श्लोक
महता तेन शब्देन वैष्णवप्राणजन्मना ।
तुल्यकालपरिक्षुब्धकल्पाभ्रार्णवरंहसा ॥ ८ ॥
आसुरी जनता भूमौ पपातागतसंभ्रमा ।
मत्तलीलाभ्रनादेन राजहंसावली यथा ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवान् विष्णु के बल से उत्पन्न हुए उस महान् शब्द से, जिसका वेग एक साथ क्षुब्ध हुए
प्रलयकाल के मेव और सागर के शब्द के समान था, भयजनित मूर्च्छा को प्राप्त होकर आसुरी जनता
भूमि पर गिर पडी, जैसे कि मत्त नील मेघ के शब्द से राजहंसावली भूमि पर गिर पड़ती है