Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
किंचिदङ्कुरिते चित्ते नेत्रे विकसनोन्मुखे ।
शनैर्बभूवतुस्तस्य प्रातर्नीले यथोत्पले ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
चित्त के कुछ अंकुरित होने पर जैसे प्रातःकाल मेँ नीलकमल विकसित होने लगते हैं वैसे ही
उसके नेत्र विकसित होने लगे