Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 3, Verse 8

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 3, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 3 · श्लोक 8

संस्कृत श्लोक

तद्वसिष्ठस्य सदनं बभूव जनसंकुलम् । हस्त्यश्वरथसंबाधं पार्थिवाचारशोभनम् ॥ ८ ॥

हिन्दी अर्थ

श्रीवसिष्ठजी का वह निवास स्थान लोगों से ठसाठस भर गया । हाथी, घोडे ओर रथों की भीड़ लग गयी । वहाँ राजाओं के उचित शिष्टाचार के रहने पर भी वह घर राजमहल के सदृश सुशोभित हो गया यानी विनय आदि राजोचित व्यवहार तो था ही, घर भी अब राजमहल के सदुश हो गया