Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 24, Verses 68–69
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 24, verses 68–69 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 24 · श्लोक 68-69
संस्कृत श्लोक
ततः क्रमेण परमपदप्राप्तिः प्रजायते ।
यदा तूपरते काले विषयेभ्यो विरम्यसे ॥ ६८ ॥
तदा विचारवशतः परमं पदमेष्यसि ।
सम्यक्प्राप्स्यसि विश्रान्तिमात्मन्यत्यन्तपावने ॥ ६९ ॥
हिन्दी अर्थ
विषयों का
त्याग करने मेँ यदि इस समय असमर्थ हो, तो यौवन आदिकाल के बीतने पर जब विषयों से विरत
होओगे, तभी विचारवश परम पद को पाओगे, इस समय नहीं । तब अत्यन्त पवित्र आत्मा में पूर्ण
विश्रान्ति प्राप्त करोगे, फिर दुःख के लिए कल्पनारूपी पंक में नहीं गिरोगे