Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 12, Verse 25

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 12, verse 25 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 25

संस्कृत श्लोक

प्रज्ञाबलबृहन्मूलः काले सत्कार्यपादपः । फलं फलत्यतिस्वादु भासो बिम्बमिवैन्दवम् ॥ २५ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे चन्द्रमा का मण्डल संसार के अन्धकार को दूर करनेवाली चाँदनी को उत्पन्न करता है वैसे ही प्राक्तन शुभकर्मरूपी वृक्ष, जिसका प्रज्ञाबल ही महान मूल है, समय पर मूलअज्ञान की निवृत्ति में समर्थ आत्मज्ञान को उत्पन्न करता हे