Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 26
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
मद्रदेशे चिरं कृत्वा राज्यमुत्सन्नशात्रवम् ।
जरामभ्याजगामात्र हिमाशनिरिवाम्बुजम् ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
मद्रदेश में चिरकाल तक निष्कण्टक राज्य करके जैसे कमल हिमरूपी वज्र को प्राप्त होता हे वैसे ही वह
बुढ़ापे को प्राप्त हुआ