Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 10
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
लोकालोकतटान्तेषु विचित्राश्चर्यहारिषु ।
क्रीडितं कृतहासेन राम तेन तया सह ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, लोकालोक पर्वत
के तटों के आसपास की भूमिय में, जो विविध आश्चर्यो से भरपूर थी, हँसते हुए उसने उस अप्सराके
साथ क्रीडा की