Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
गन्धमादनशैलस्य विश्रम्योपरि सानुषु ।
सा तेन कनकाम्भोजैरापादमभिमण्डिता ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
श्री शुक्राचार्य ने गन्धमादन पर्वत के ऊपर के शिखरो पर विश्राम लेकर उस सुन्दरी
को सिर से लेकर पैर तक सुवर्ण के कमलो से विभूषित किया