Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
मन्दरान्तरकच्छेषु सार्धं हरिणशावकैः ।
अवसत्स समाः षष्टिं कल्पितामरमन्दिरे ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
मन्दराचल के मध्यवर्ती जलप्राय शीतल प्रदेशों में उसने मृगो के साथ अपने मन
से कल्पित देवमन्दिरों में साठ वर्षो तक निवास किया