Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 14

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, verse 14 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 14

संस्कृत श्लोक

तमः संकल्पयामास संहार इव भूतभुक् । त्रिविष्टपस्य देशोऽसौ बभूव तिमिराकुलः ॥ १४ ॥

हिन्दी अर्थ

जैसे भूलोक के अन्धकार से लोकालोक पर्वत का तट भर जाता हे वैसे ही शुक्राचार्य द्वारा संकल्पित अन्धकार से स्वर्ग का नन्दनवनरूपी प्रदेश भर गया