Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
मदनः क्षोभयामास गजः कमलिनीमिव ।
अथ तां तादृशीं दृष्ट्वा शुक्रः संकल्पितार्थभाक् ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर सफल संकल्पवाले शुक्राचार्य ने उस सुन्दरी
की वैसी दशा देखकर जैसे रुद्र प्रलयकाल मे अन्धकार का संकल्प करते हैं वैसे ही अन्धकार का
संकल्प किया