Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
मन्दवाताभिनुन्नाया मञ्जर्याः सहधर्मिणी ।
नीलनीरजनेत्रान्तां हंससारसगामिनीम् ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे मदोन्मत्त हाथी कमलिनी को रोद
डालता है वैसे ही नीलकमल के सदुश नयनवाली तथा हंस ओर सारस के समान चलनेवाली उस
सुन्दरी को कामदेव ने क्षोभित कर डाला