Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 59, Verse 14
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 59, verse 14 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 59 · श्लोक 14
संस्कृत श्लोक
श्रीवसिष्ठ उवाच ।
गर्भतल्पात्समुत्थाय पद्मजः प्रथमः शिशुः ।
ब्रह्मेति शब्दमकरोद्ब्रह्मा तेन स उच्यते ॥ १४ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीवसिष्ठजी ने कहा : हे श्रीरामचन्द्रजी, कमलकोशरूप विस्तार से उठ करके सर्वप्रथम बालक
ब्रह्माजी ने व्रह्म" शब्द का उच्चारण किया, इसलिए वह ब्रह्मा कहे जाते हैं