Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 52, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 52, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 52 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
यस्य वीर्यं सुवीर्यस्य न शस्त्रैर्न च पावकैः ।
केनचिद्भुवने क्रान्तमाकाशमिव मुष्टिना ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे
कोई पुरुष मुड्ठी से आकाश को पराजित नहीं कर सकता वैसे ही जिस महाबली के बल का न शस्त्रो से
और न अग्नि से कोई भी तिरस्कार नहीं कर सका