Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
शब्दार्थवाक्प्रपञ्चोऽयमुपदेशेषु कल्पितः ।
सदाऽज्ञेषु न तज्ज्ञेषु विद्यते पारमार्थिकः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
यह शब्दार्थरूप वाक् प्रपंच सद् उपदेश के विषय में अज्ञों मे कल्पित है,
न कि वाक्यार्थ को जाननेवाले पुरुषों में पारमार्थिकरूप से विद्यमान है