Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
भेदकृद्वाक्प्रपञ्चोऽयमुपदेश्येषु कल्पितः ।
उपदेश्योपदेशार्थं शास्त्रार्थप्रतिपत्तये ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
यदि कहें कि वाक्यार्थज्ञान कैसे होगा ? तो इस पर कहते हैं।
उपदेश देने के योग्य शिष्यों के उपदेशार्थ शास्त्रार्थ के ज्ञान के लिए यह भेदकृतवाकृप्रपंच उपदेश
योग्य शिष्यों मे कल्पित है