Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, Verse 49
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 39, verse 49 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
तस्मात्सम्यग्ज्ञानवशाद्ब्रह्मणः सर्वपदार्थानामागमः ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
आत्मसत्ता का जगत में अध्यास जगत का जन्म है, आत्मा का जन्म नहीं है, क्योकि आत्मा में भेद
नहीं है, इस आशय से पूर्वोक्त विषय का उपसंहार करते हैं।
इसलिए परमार्थसत्य चित्स्वरूप केवल ब्रह्म से सब पदार्थो की उत्पत्ति है