Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 59
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, verse 59 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 59
संस्कृत श्लोक
लोकतन्त्रानुसारेण विचाराद्व्यवहारिणाम् ।
शास्त्राचारानुसारेण कर्मणा सत्फलाय च ॥ ५९ ॥
हिन्दी अर्थ
लोकव्यवहारी पुरुषों के
विचार से लोकव्यवहार के अविरोधी तथा शास्त्र ओर सदाचार के अनुकूल कर्म से सत्फल के लिए सदा
उत्थान का अंगीकार करना चाहिए