Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, Verse 8
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, verse 8 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
यदा दामादयो जाता अहंकारात्मवासनाः ।
तदा मे जीवितं मेऽर्थ इति दैन्यमुपागताः ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
जब अहंकार ही आत्मा
है, ऐसी वासनावाले दाम आदि हुए, तब मेरा जीवन रहे, मेरा धन हो, इस प्रकार के आशयवाले वे
दीनता को प्राप्त हुए