Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 29, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
यद्वद्दूरगतं वस्तु नादर्शे प्रतिबिम्बति ।
पदार्थवासना तद्वदनभ्यासान्न जायते ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे दूर स्थित वस्तु दर्पण में प्रतिबिम्बित नहीं होती वैसे
ही अभ्यास का त्याग करने के कारण पदार्थ में वासना उत्पन्न नहीं होती